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उत्तर प्रदेश : 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने लगी हैं। कुंडा विधायक और जनसत्ता दल के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने गठबंधन को लेकर अपनी पार्टी का रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी दल या नेता के साथ गठबंधन को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। हालांकि, पार्टी के विचारों से सहमत होकर कोई दल साथ आता है तो गठबंधन के लिए दरवाजे खुले हैं।
बिना गठबंधन के विधानमंडल में तीन सदस्य
राजा भैया ने जनसत्ता दल के गठन और मौजूदा राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का गठन 30 नवंबर 2018 को हुआ था। उनके मुताबिक, फिलहाल विधानमंडल में जनसत्ता दल के तीन सदस्य हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बिना किसी गठबंधन के विधानमंडल में तीन सदस्यों के साथ मौजूद है। राजा भैया ने यह भी कहा कि बिना गठबंधन के उनकी पार्टी के सदस्यों की संख्या कांग्रेस और बसपा से अधिक है।
2027 के चुनाव को लेकर क्या बोले राजा भैया?
आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के सवाल पर राजा भैया ने कहा कि अभी तक जनसत्ता दल की किसी भी पार्टी या नेता के साथ इस मुद्दे पर बातचीत नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि जब किसी नेता से पूछा जाता है कि वह चुनाव में क्या चाहता है, तो स्वाभाविक रूप से उसका जवाब यही होगा कि उसकी पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटें जीते। राजा भैया के मुताबिक, जनसत्ता दल का लक्ष्य भी अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल करना है और पार्टी इसी दिशा में काम कर रही है।
पार्टी के विचारों पर समझौता नहीं
राजा भैया ने गठबंधन की संभावनाओं पर बात करते हुए पार्टी के विचारों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जनसत्ता दल के कुछ विचार हैं, जिन्हें वह अलग-अलग मौकों पर जनता और विभिन्न मंचों के सामने रखते रहे हैं।
उनके मुताबिक, इन विचारों के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी ने पहले भी अपने विचारों से समझौता नहीं किया है और आगे भी ऐसा नहीं होगा।
विचार मिलेंगे तो गठबंधन के लिए दरवाजे खुले
हालांकि राजा भैया ने गठबंधन की संभावना को पूरी तरह बंद नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल जनसत्ता दल के विचारों के साथ आता है और उसके साथ गठबंधन करना चाहता है, तो उनकी पार्टी के दरवाजे खुले हैं।
यानी फिलहाल जनसत्ता दल ने किसी गठबंधन का ऐलान नहीं किया है, लेकिन भविष्य में समान विचार रखने वाले दलों के साथ साथ आने की संभावना को खुला रखा गया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजा भैया के इस बयान के बाद गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा मिल सकती है।
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